भारत में पहली बार सोने के सिक्के किसने चलाए तथा यह सिक्के कितने ग्राम की होती थी





 दोस्तों हर कोई जानना चाहता है की भारत में सबसे पहले सोने के सिक्के किसने चलाए थे क्योंकि मुद्रा के रूप में आज के समय में आप लोहे के सिक्के जरूर देखते होंगे लेकिन भारत में एक ऐसा भी समय था जब भारत में सोने की सिक्के मुद्रा के तौर पर चलाए गए थे यह  सिक्के शुद्ध सोने के बने हुए होते थे। 


दोस्तों आज से कुछ समय पहले हमारा भारत एक अखंड भारत हुआ करता था और अखंड भारत सोने की चिड़िया कहलाता था भारत में इतना ज्यादा सोना था कि आज के समय में लोहा। 


 जब भारत में घी दूध और दही की नदियां बहती थी और भारत के पास अपार धन संपदा के तौर पर बहुत सारा सोना हुआ करता था उस समय भारत में सोने के सिक्के भी चलाए गए थे जिन्हें लोग मुद्रा के तौर पर वस्तुएं खरीदने के लिए प्रयोग किया करते थे। 






अब आपको बताता हूं कि भारत में सोने के सिक्के सर्वप्रथम किसने चलाए थे और यह कितने ग्राम के थे। 


भारत में सर्वप्रथम कुषाण वंश के राजा कनिष्क प्रथम द्वारा सोने के सिक्के जारी किए गए थे।  यह सोने के सिक्के शुद्ध  सोने के बने हुए होते थे जिन्हें 127CE  में चलाया गया था।  


अब आइए जानते हैं इन सोने के सिक्कों का वजन कितना होता था


 तो एक अनुमानित तौर पर यह अनुमान लगाया जाता है कि कुषाण वंश के राजा कनिष्क के प्रथम द्वारा जो सोने के सिक्के चलाए गए थे उनका वजन 5 ग्राम से लेकर 15 ग्राम के बीच हुआ करता था। 


इन सिक्कों को ग्रीक बैक्टीरिया भाषा में जारी किया गया था क्योंकि उस समय अखंड भारत बहुत बड़ा था जिसमें आज के समय में कई भारत के पड़ोसी देश शामिल थे।  


भारत में सर्वाधिक सोने के सिक्के कुषाण वंश के राजाओं द्वारा ही जारी किए गए थे अथवा चलाए गए थे


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